सोमवार, 16 जनवरी 2017

प्याज के गुणों का भरपूर फायदा लेने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखे |...


भोजन में अति प्राचीन काल से प्याज का उपयोग होता रहा है | प्याज शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम है | प्याज वात, पित्त और कफ, इन तीनों विकारों में गुणकारी है | 


मगर सभी औषधियों की तरह इसका प्रयोग भी संभलकर करना चाहिए नहीं तो प्याज कई बीमारियों का कारण बन सकता है |

पाचन शक्ति और प्रकृति का ख्याल रखकर ही प्याज का उपयोग करना चाहिए | कुछ व्यक्ति प्याज के पोषक तत्व को पचा नहीं सकते | प्याज के उपयोग से उन्हें गैस हो जाती है | उन्हें प्याज को पचाने के लिए ज्यादा श्रम करना चाहिए या प्याज का कम मात्रा में उपयोग करना चाहिए | 

प्याज का अत्याधिक और निरंतर सेवन करने से रक्त तप जाता है और फोड़े, फुंसियां होने की संभावना रहती है | वीर्य पतला पढ़कर स्खलित हो जाता है | 

प्याज और दूध का एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए | प्याज और दूध इन दोनों के सेवन के बीच में कम से कम 3-4 घंटे का अंतर होना चाहिए | दूध पीने के पहले या बाद में तुरंत ही प्याज खाने से कोढ़, रक्त दोष आदि विकार हो सकते हैं | 

आंखें दुखती हो तब भी प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए | इससे आंखों की पीड़ा और बढ़ जाती है | 

प्याज को वायु नाशक माना गया है परंतु उस को पकाने, उस की सब्जी बनाने से वह वायु कारक बन जाता है जबकि कच्चा प्याज वायु नहीं करता |

काफी वक्त से काट कर रखे हुए प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए | प्याज को काटकर तुरंत ही खा लेना चाहिए काट कर रख छोड़ने पर उसमें रहा हुआ तत्व उड़ जाते हैं |

ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखकर हम गुणकारी प्याज के गुणों का भरपूर फायदा उठा सकते हैं | 

धन्यवाद





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